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इन 10 घरेलू नà¥à¤¸à¥â€à¤–ों से दें वायरल फीवर को मात
मानव शरीर का तापमान सामानà¥à¤¯à¤¤: 98.6 फारेनहाइट होता है, लेकिन इससे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ तापमान होना बà¥à¤–ार में की शà¥à¤°à¥‡à¤£à¥€ में आता है। वायरल बà¥à¤–ार à¤à¤¯à¤°à¤¬à¥‹à¤°à¥à¤¨ वायरल इंफेकà¥à¤¶à¤¨ के कारण होता है, जो हवा में फैलता है। इसमें शरीर का तापमान à¤à¤•ाà¤à¤• बॠजाता है और कमजोरी महसूस होती है। कà¥à¤› सावधानियों, सामानà¥à¤¯ दवाइयों और घरेलू नà¥à¤¸à¥à¤–े अपनाकर बà¥à¤–ार (Viral Fever) को मात दी जा सकती है।
अनदेखी पड़ सकती है à¤à¤¾à¤°à¥€
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ और बà¥à¤œà¥à¤°à¥à¤—ों की रोग पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ कम होने के कारण वायरल फीवर उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ तेजी से पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करता है। जब शरीर का तापमान 102 डिगà¥à¤°à¥€ फारेनहाइट से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हो जाता है और कà¥à¤› घंटों तक बà¥à¤–ार कम नहीं होता तो अनदेखी à¤à¤¾à¤°à¥€ पड़ सकती है। à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में डॉकà¥à¤Ÿà¤° से सलाह लेना चाहिà¤à¥¤ शरीर में चकतà¥à¤¤à¥‡ होना, सिरदरà¥à¤¦ होना और बदन दरà¥à¤¦ बना रहना à¤à¥€ वायरल बà¥à¤–ार के लकà¥à¤·à¤£ हैं।
वायरल बà¥à¤–ार के लकà¥à¤·à¤£
शरीर गरà¥à¤® होना, कमजोरी महसूस होना और ठंड लगना वायरल बà¥à¤–ार के पà¥à¤°à¤®à¥à¤– लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में है, लेकिन वायरल बà¥à¤–ार आने पर कई लकà¥à¤·à¤£ दिखाई देते हैं। जैसे-
आंखें लाल होना और जलन होना
कम या तेज बà¥à¤–ार होना
नाक बहना
खांसी होना
जà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤‚ट और मसलà¥à¤¸ में दरà¥à¤¦ होना
थकान और कमजोरी होना
चकà¥à¤•र आना
छाती में जकड़न होना
घबराहट होना
टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¥à¤¸ में दरà¥à¤¦ होना
सà¥à¤•िन रैशेज या चकतà¥à¤¤à¥‡ होना
डायरिया होना
बà¥à¤–ार की सबसे अचà¥à¤›à¥€ दवा
बà¥à¤–ार ठीक अलग-अलग पैथी में कई दवाईयां हैं, लेकिन पेरासिटामोल, आइबूपà¥à¤°à¥‹à¤«à¥‡à¤¨, वालà¥à¤Ÿà¤°à¥‡à¤¨ सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पà¥à¤°à¤šà¤²à¤¿à¤¤ दवाइयां हैं। अधिकतर डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥‹à¤‚ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ बà¥à¤–ार की सबसे अचà¥à¤›à¥€ दवा के रूप में इनà¥à¤¹à¥€à¤‚ का सेवन करने की सलाह दी जाती है। इनके अलावा à¤à¤¸à¤¿à¤Ÿà¤¾à¤¨à¤¿à¤®à¥‹à¤«à¥‡à¤¨, à¤à¤¡à¤µà¤¿à¤² à¤à¥€ इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² की जाती है।
बार-बार बà¥à¤–ार आने के कारण और उपाय
वायरल फीवर में बार-बार बà¥à¤–ार आता-जाता है, जिसे आवरà¥à¤¤à¥€ बà¥à¤–ार à¤à¥€ कहते हैं। ठंड लगना, तà¥à¤µà¤šà¤¾ का गरà¥à¤® होना, थकान होना, चिड़चिड़ापन होना आदि इसके लकà¥à¤·à¤£ हैं। वायरस अथवा वायरल इंफेकà¥à¤¶à¤¨, बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² इंफेकà¥à¤¶à¤¨, लापरवाही बरतना, वैकà¥à¤¸à¥€à¤¨à¥‡à¤¶à¤¨, टà¥à¤¯à¥‚मर नेकà¥à¤°à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ फैकà¥à¤Ÿà¤° रिसेपà¥à¤Ÿà¤° à¤à¤¸à¥‹à¤¸à¤¿à¤à¤Ÿà¥‡à¤¡ पीरियोडिक सिंडà¥à¤°à¥‹à¤®, नियोनेटल ऑनसेट मलà¥à¤Ÿà¥€ सिसà¥à¤Ÿà¤® इंफà¥à¤²à¥‡à¤®à¥‡à¤Ÿà¤°à¥€ डिजीज, मकल वेलà¥à¤¸ सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® और फैमिलियल कोलà¥à¤¡ ऑटो इंफà¥à¤²à¥‡à¤®à¥‡à¤Ÿà¤°à¥€ सिंडà¥à¤°à¥‹à¤®, à¤à¤«à¥à¤¥à¤¸ सà¥à¤Ÿà¥‹à¤®à¤¾à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸, à¤à¤¡à¤¿à¤¨à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ आदि à¤à¥€ इसके कारण हो सकते हैं।
बार-बार बà¥à¤–ार आने से बचाव कैसे करें
खाने से पहले à¤à¤µà¤‚ शौचालय उपयोग के बाद साबà¥à¤¨ से हाथ साफ करें, इसके लिà¤
गरà¥à¤® पानी का उपयोग करें
हैंड सैनिटाइजर, à¤à¤‚टीबैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² वाइपà¥à¤¸ का उपयोग करते रहें
नाक, मà¥à¤‚ह, आंखों को छूने से बचें
खांसते और छींकते समय नाक और मà¥à¤‚ह को अचà¥à¤›à¥€ तरह ढक लें
बà¥à¤–ार उतारने के घरेलू उपाय
बà¥à¤–ार होने पर परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ आराम करें। कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि शरीर बà¥à¤–ार से लड़ रहा होता है।
सिर, पैर के तलवों, बगल और गरà¥à¤¦à¤¨ पर ठंडे पानी की पटà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ रखें। यह बेहद पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¤¾ नà¥à¤¸à¥à¤–ा है और तेजी से बà¥à¤–ार उतारता है।
खूब पानी पिà¤à¤‚। इससे यूरिन के जरिठटॉकà¥à¤¸à¤¿à¤¨à¥à¤¸ और इंफेकà¥à¤¶à¤¨ निकलते हैं। पानी की कमी नहीं होती।
हलà¥à¤•े कपड़े पहनें। कमरे का तापमान न जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ गरà¥à¤® न ठंडा रखें, ताकि शरीर को ठंडक मिले।
नारियल पानी का सेवन करें कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इसमें मिनरलà¥à¤¸ और विटामिन à¤à¤°à¤ªà¥‚र मातà¥à¤°à¤¾ में होते हैं।
आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ की मानà¥à¤¯à¤¤à¤¾ के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• चंदन ठंडा होता है इसलिठबà¥à¤–ार में चंदन लगाने की सलाह दी जाती है।
अनार के जूस में थोड़ा सा बादाम का तेल मिलाकर पीना फायदेमंद माना जाता है।
तà¥à¤²à¤¸à¥€ के पतà¥à¤¤à¥‹à¤‚ के साथ 3-4 काली मिरà¥à¤š, à¤à¤• चमà¥à¤®à¤š कटा अदरक उबालकर ठंडा कर घूंट-घूंट कर पीना बà¥à¤–ार में फायदेमंद होता है।
मूलेठी, तà¥à¤²à¤¸à¥€ के पतà¥à¤¤à¥‡, शकर अथवा शहद मिलाकर उबालने और थोड़ा-थोड़ा बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को पिलाने से फायदा होता है।
अजवाइन को पानी में डालकर उबालें, फिर छानकर इसे चाय की तरह गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¤¾ करके पीने पर à¤à¥€ बà¥à¤–ार में राहत मिलती है।
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